एयर इंडिया (Air India) में बड़ा बदलाव हुआ है। कंपनी ने टेवोल्डे गेब्रेमारियम (Tewolde Gebremariam) को एयर इंडिया का नया सीईओ और एमडी बनाया है। इससे पहले इस पद पर कैंपबेल विल्सन (Campbell Wilson) थे, जो वर्ष 2022 से इस एयरलाइन का नेतृत्व कर रहे थे। टेवोल्डे गेब्रेमारियम को एविएशन इंडस्ट्री के सबसे सफल अधिकारियों में गिना जाता है।
कौन हैं टेवोल्डे गेब्रेमारियम?
- टेवोल्डे गेब्रेमारियम को एविएशन इंडस्ट्री के सबसे अनुभवी और सफल अधिकारियों में गिना जाता है।
- इथियोपियन एयरलाइंस ग्रुप के CEO के रूप में उन्होंने 10 साल से ज्यादा समय तक काम किया है।
- नके कार्यकाल में एक छोटी रीजनल एयरलाइन अफ्रीका की सबसे बड़ी सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली और सम्मानित एयरलाइन बन गई। इस दौरान एयरलाइन का रेवेन्यू चार गुना और फ्लीट साइज लगभग तीन गुना बढ़ गया था।
नेतृत्व परिवर्तन पर क्या बोले टाटा संस के चेयरमैन?
टाटा संस और एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने इस नियुक्ति पर कहा, "कैंपबेल विल्सन के मार्गदर्शन में स्थलीकरण, एकीकरण और बेड़े की प्रतिबद्धताओं के शुरुआती चरण को पूरा करने के बाद, एयर इंडिया अब एक महत्वपूर्ण निष्पादन और विस्तार के दौर में प्रवेश कर रही है। दुनिया के सबसे कुशल और लाभदायक एयरलाइन समूहों में से एक के निर्माण का टेवोल्डे गेब्रेमारियम का ट्रैक रिकॉर्ड उन्हें एयर इंडिया का नेतृत्व करने के लिए बेहद उपयुक्त बनाता है।"
उन्होंने आगे कहा, "एयर इंडिया को एक प्रमुख वैश्विक वाहक और राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में स्थापित करने में उनकी परिचालन विशेषज्ञता, सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और हब विकास का विजन महत्वपूर्ण साबित होगा।"
नए सीईओ टेवोल्डे गेब्रेमारियम ने क्या कहा?
अपनी नियुक्ति पर खुशी जाहिर करते हुए नए सीईओ और एमडी टेवोल्डे गेब्रेमारियम ने कहा, "एयर इंडिया एक अविश्वसनीय विरासत को समेटे हुए है और एक ऐसी विश्व स्तरीय वैश्विक एयरलाइन के निर्माण का अवसर जो भारत की असाधारण आर्थिक क्षमता को दर्शाता है, बेहद रोमांचक है।" उन्होंने कहा कि वह असाधारण परिचालन विश्वसनीयता, आत्मीय भारतीय आतिथ्य और दीर्घकालिक विकास को गति देने के लिए चेयरमैन चंद्रशेखरन, बोर्ड, कर्मचारियों और सभी उद्योग साझेदारों के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं।
भारत की सबसे पुरानी एयरलाइन
बता दें कि एयर इंडिया भारत की सबसे पुरानी और प्रमुख एयरलाइन है, जिसकी शुरुआत 1932 में जे.आर.डी. टाटा ने 'टाटा एयरलाइंस' के रूप में की थी। साल 1946 में इसका नाम बदलकर 'एयर इंडिया' कर दिया गया। 1953 में सरकार ने इसका राष्ट्रीयकरण कर दिया था, जिसके लगभग 7 दशक बाद जनवरी 2022 में यह वापस टाटा समूह के पास लौट आई। टाटा समूह के हाथ में आने के बाद से एयर इंडिया अपने आधुनिकीकरण के बड़े दौर से गुजर रही है। एयरलाइन ने अपने बेड़े और यात्री अनुभव को बेहतर बनाने के लिए दुनिया भर की कंपनियों से सैकड़ों नए विमानों के बड़े ऑर्डर दिए हैं।
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